संसाधन

Kunwa

व्यक्तिगत संसाधन
कुआं- यहां पानी की जरूरत अधिक्तर कुएं से हीं पुरी की जाती है। पीने के अलावा नहाने, कपड़े धोने, बर्तन धोने, खाना पकाने आदि के लिए भी कुएं के पानी का हीं उपयोग किया जाता है। इसकी सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां अधिक्तर बीमारियां भी दूसित पानी से हीं होती हैं।
Handpump
हैंडपंप- गाव में कई स्थानों पर हैंडपंप लगाए गए हैं। इससे ग्रामीणों को पीने का साफ पानी उपलब्ध हो पाता है। पर इनकी संखया पर्याप्त नहीं है।
प्रकतिक संसाधन
तालाबों की संख्या: 02
नदियों की संख्या: 02

मानव संसाधन

Gramin Kishan
ग्रामीण किसान– किसान और उसका परिवार हर रोज खेती बारी के काम में जुटे रहते है। सब्जियों को टोकरी में भरकर बाजार ले जाता किसान और उसकी पत्नी।
 

 

 

 

 

Matarमटर-यहां मटर की खेती मौसम के अनुसार होती है। मुखयतः सर्दियों में मटर की खेती होती है। इसके पौधे छोटे-छोटे होते हैं और फूलों का रंग सफेद होता है। इसकी फसल तीन महीने में तैयार हो जाती है
धान की खेती – धान यहॉं की मुख्य फसल है। इसे तैयार होने में पुरे तीन महीने लगते हैं। इसे उपजाऊ मिट्‌टी तथा अधिक वर्षा की जरूरत होती है। धान को काटने के बाद बीज और पुआल को अलग किया जाता है। इस प्रक्रिया को मिसाई कहा जाता है। पुआल को सम्भाल कर रखा जाता है जो पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल होता हैं।


व्यवसाय

पशु पालन – पशु पालन भी यहां के किसानों का प्रमुख कार्य है। किसानों की आय का एक हिस्सा इन्हीं से आता है। किसान पशुओं का दूध बेचकर पैसे कमाते हैं। लगभग हर किसान के पास कई पशु होते हैं जैसे-गाय, भैंस, बकरी इत्यादी।

मुर्गी पालन – यहां लगभग हर घर में मुर्गियां नाली जाती है। घरों में पाली जाने वाली मुर्गी को देहाती मुर्गी कहा जाता है। इनके अण्डे बहुत अधिक पौष्टिक होते हैं।

मजदूर: 20%
किसान: 50%
नौकरी: 30%
आशा कार्यकर्ता: 02
कृषि कार्यकर्ता: 02
स्वास्थ कर्मचारी: 02