गुरुगाईं टोलों की एक बस्ती है। वास्तव में इस गॉंव में पहले गुरु ;ज्मंबीमतेद्ध लोग रहा करते थे तब इस गॉंव का नाम गुरुगॉंव पड़ा। कालान्तर में इसका नाम गुरुगाईं पड़ा। यहॉं एक दुबिया गोसाई बाबा रहा करते थे जिसके द्वारा एक तालाब का निर्माण कराया गया था जो आज भी गुरुगाईं तालाब के नाम से प्रसिद्ध है। इस गॉंव में मुखयतः खेतीहर लोग रहते हैं। सभी टोला सड़क से जुड़े हुए हैं। इस गॉंव में अधिकतर आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। यहॉं का मुखय पर्व कर्मा और सरहुल है।

अखरा – अखरा का स्थान आदिवासियों के लिए बहुत हीं द्राुभ होता है। आदिवासियों का एक प्रमुख पर्व होता है कर्मा। कर्मा पर्व अखरा में हीं मनाया जाता है। इस पर्व में प्रकृती की पूजा होती है। पूजा के बाद सारे लोग अपने पारंपरिक परिधान पहनकर झूमर(झारखण्डी नृत्य) खेलते हैं।यान

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